
राऊ क्षेत्र स्थित लक्ष्य विहार-2 कॉलोनी में अवैध कॉलोनी विकास और धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर रहवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। कॉलोनी के निवासियों द्वारा 24 अगस्त 2025 को थाना राऊ में एक विस्तृत लिखित आवेदन/पत्र सौंपा गया था, किंतु अब तक न तो प्राथमिकी दर्ज की गई है और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई की गई है।
रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनाइज़र प्रेम चौहान एवं राहुल तंवर द्वारा बिना नगर परिषद एवं टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति के कॉलोनी का विकास किया गया और प्लॉटों की बिक्री की गई। बिक्री के समय कॉलोनी में मुख्य ड्रेनेज लाइन, नर्मदा जलापूर्ति तथा एमपीईबी द्वारा अनुमोदित ट्रांसफार्मर जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, जो आज तक पूरा नहीं किया गया है।
वर्तमान में कॉलोनी को नेहरू नगर स्थित डी.पी. से अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जिससे प्रतिदिन वोल्टेज की गंभीर समस्या बनी रहती है। रहवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कॉलोनाइज़र द्वारा कोई समाधान नहीं किया गया।
जब कॉलोनीवासियों ने नगर परिषद राऊ से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि कॉलोनी से संबंधित किसी भी प्रकार का टैक्स या अनुमति शुल्क जमा नहीं किया गया है और कॉलोनी को अवैध माना गया है। इसके बाद नर्मदा जलापूर्ति को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने पर कथित रूप से शिकायत वापस लेने का दबाव भी बनाया गया।
रहवासियों का कहना है कि 24/08/2025 को थाना राऊ में दिए गए पत्र में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 सहित अन्य धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब तक न तो जांच प्रारंभ हुई है और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई कदम उठाया गया है।
लक्ष्य विहार-2 के रहवासियों ने प्रशासन से शीघ्र न्याय की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे मामले को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिला प्रशासन और मीडिया के समक्ष उठाएंगे।

